Saturday, 29 October 2011

ज़िन्दगी जीने का तरीका बदलना है!!

हर रोज सुबह 6 बजे बिना अलार्म कि मदद के उठना है..
घरवालो के लिए अदरक वाली कड़क चाय मुझे छनन्ना है..
सुबह अखबार कि सुर्खियों संग ताज़ी हवा को महसूस करना है
यारो मुझे.. ज़िन्दगी जीने का तरीका बदलना है!!

हर पल बढ़ते इस वजन को घटाना है..
टी-शर्ट से उभरे हुए पेट को छुपाना है..
हसी का पात्र बनने से मुझे बचना है..
यारो मुझे.. ज़िन्दगी जीने का तरीका बदलना है!!

ऑफिस कि पौलिटिक्स को एक बार आजमाना है..
बॉस को एक दिन खरी-खोटी सुनाना है..
प्रोमोशन ही सब कुछ नहीं ये खुद को समझना है..
यारो मुझे.. ज़िन्दगी जीने का तरीका बदलना है!!

आई- बाबा संग फिर कहीं घुमने जाना है..
छोटे भाई कि हर डिमांड को पूरी करना है..
जिन्हें शिकायत है मुझसे उनके लिए समय निकालना है..
यारो मुझे.. ज़िन्दगी जीने का तरीका बदलना है!!

बचपन के सारे दोस्तों को फिर से मिलना है..
स्कूल- कॉलेज के वोह पुराने पल फिर से जीना है..
इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में एक गेट-टुगेदर प्लान करना है..
यारो मुझे.. ज़िन्दगी जीने का तरीका बदलना है!!

रात को जल्दी सोने की कोशिश करना है..
FB से दूर रहकर कुछ कलात्मक करना है..
कुछ पल शांत बैठ के.. खुद के बारे में सोचना है..
यारो मुझे.. ज़िन्दगी जीने का तरीका बदलना है!!

Friday, 16 September 2011

मन हे वेडे..

कशे आवरू स्वतःला हे समजत नाही..
का हे वेड लागले त्याला हि हे उमजत नाही..
तुझ्या वाचुनी का या मनास आता करमत नाही ..
 मन हे वेडे ..आता कश्यातच गुंतत नाही..

मन हे असेच वेडे ..प्रेम करीत जाईल..
अश्याच ह्या ओळी आपोआप जुडत जाईल..
तू नाही म्हटले तरी तुझे हे सगळे शब्द मला कविता सारख्या वाटत जाईल..
आणि न कळता न सांगता मन हे वेडे असेच प्रेम करीत जाईल..

अस्स कुणी साथ देणारा असेल तर हा छंद जपल्या जाईल
नाही तर कुठेतरी आत्ताच हरवून जाईल..
तू नसतांना सतत मनाला तुझी आठवण करून देत जाईल..
मन हे असेच वेडे ..प्रेम करीत जाईल..

Friday, 9 September 2011

"आज मेरा जन्मदिन है !!"

आज जिवन मे आई एक और सुहानी घडी..
२६ साल पुरे हुये उम्र २७ कि ओर बढी..

खैर छोडो..इस बढती उम्र कि अपनी परेशानी है..
काले झुल्फो के बीच छिपे २ सफेद बालो कि अपनी कहानी है..

जिसे स्कूल मे चाहा था ..
उसके बच्चे मुझे आजकल मामा कहते है..
ना जाने मेरे हम उम्र दोस्त ये सब कैसे सहते है!!

दादी शादी कराने के पीछे है पडी..
पापा को चाहिये १ साल  के अंदर एक  पोता या पोती..
उम्मीद कि भी यारो कोई हद्द है होती!!

फिर सोचता हुः ,
यह तो सफर का एक छोटा सा मोड है..
हर समस्या का कहिन ना कहिन छिपा
कोई ना कोई तोड है!!

अभी तो सामने पुरी जिंदगी है पडी ..
ईसी कडी से जुडी है आने वाले कडी..
जिस कडी का इंतेजार है..वोह कही दूर है खडी..
उसी के लिये आज ये कविता है जडी!!

"चीनी कम चाय..."

this one is dedicated to my 'sweet' friends..

आओ आपको एक प्यारी बात बताये
एक दिन पी रहे थे हम,एक चीनी कम चाय..
हमारे दोस्त बैठे थे हमसे चीनी का डब्बा छुपाये..

हम भी थे टशन में..बेरंग चाय के २ घुट भी हमने लगाये..

अचानक एक तरकीब सुझी..और हम मुस्कुराये..                                                          
हमने झट से फोन निकाला और आपका नंबर मिलाये

फिर जैसे ही आपकी आवाज हमारे कानो में गुनगुनाई..
मानो अमृत जैसे वोह हमारी चाय में उतर आई..

सच मानिये ना हम आज तक आपको भूल पाये..
ना वोह चाय वोह मिठास भूल पायी..

'झुटे ख्वाब' : by me dedicated to Mumbai blast victims

चारो तरफ था फैला अंधकार
उसमे वह उषा की किरण धुंड रहा था
इंसान जो ठेहरा... आदतन झुटे ख्वाब बून रहा था !!!

हर ओर लाशो का ढेर लगा था
वोः भीड में बेबस सा अपनो को धुंड रहा था...
इंसान जो ठेहरा... आदतन झुटे ख्वाब बून रहा था !!!

मां रो रही थी... छोटी बिलख रही थी
वोः फिर भी नन्हे को हसाने कि कोशिश कर रहा था
इंसान जो ठेहरा... आदतन झुटे ख्वाब बून रहा था !!!

खून के आंसू रो चुका है ...सुख-चैन सब खो चुका है
फिर भी 'उनसे' अमन कि उम्मीद रख रहा है....
इंसान जो ठेहरा... आदतन झुटे ख्वाब बून रहा है !!!

kaagaz ki kashti

ye baarish naa jaane aaj itna kyu barasti..
chamakti kismat acchanak kyun hai bujhti..
Mahalo k bich mei hai apni choti si basti..
har roj subah woh laakho ki bheed se kushti..
fir bhi zindagi..apni dhun apni masti..
duur talak nila samandar..                                                                                                       
aur apni kaagaz ki kashti...

Zindagi - ek paheli

ae zindagi...teri kitni pahelia sulzaau mai..
kitna khud ko unme ulzaau mai...
ek bhujho toh dusri ulajh jaaye..
kab woh din aaye...jab saari sulajh jaye!

तमन्ना

कुछ तो जीते है जन्नत की तमन्ना लेकर ,
कुछ तमन्नाए जीना सिखा देती है...
हम किस तमन्ना के सहारे जीए..
ये जिंदगी रोज़ एक तमन्ना बढ़ा देती है...

baraf ka pahaad

aaj aasman ki or dekha..
toh bachpan kaa woh baraf ka pahaad fir najar aaya...
shayad saalo se kahin kho gaya tha..
par fir samajh aaya..woh toh wahin tha..
saalo baad maine aasman ko dekha tha!!!

subah k sapne

Janab 1:  "mai aksar der raat tak jaagta hu...
          issi ummeed mei ki subah der tak so saku..
          sunaa hai subah k sapne aksar sachh ho jaya karte hai."

Janab 2: "Isi ummeed se jagte rahta hun main der raat tak askar,
          ke subah ke sapne sach ho jaye kabhie humpar,
          aur pyari si ahsas teri zehan me samaye rakhta hun,
          Ke ban jaye mera khwab jannat se bhi behtar"
                                                                   
Janab 1: "jannat ki baat na kar mere dost..
          wahan pohochne k liye mujhe marna hoga..
          itne paap kar baithe hai iss jammen par hum..
          ki dozakh k haal bhi yahin sehna hoga.."

LIES

read somewhere...and felt like noting it down..
People say lots of things(LIES)..
Some said they will never leave u..LIE
Some said they wud love u till death..LIE
Some said that u r d most presious one.. LIE
                                                                                                                             I guess LIfE is made of such sweet LIES..
                                                                                                                             V may ask 'wudn't life b much better without these lies?'
But in truth, The times u lived on those lies
 were the only times u lived LIFE..

तितलिया


तितलिया यादो कि उडती जाये...
रंगो मे मुझसे कुछ कहती जाये......

jitni rang ki ye titlliyaan hai...
utni hi rangeele meri yaadein...
yaad dillati woh bachpan ki baatein..
bit jaate the din haste-khilkhilate...

तितलिया यादो कि उडती जाये...
रंगो मे मुझसे कुछ कहती जाये......